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‘अहम ब्रह्मास्मि’ महावाक्य हमें क्या सिखाता है?

by BodhaVriksha

“अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य क्या हैं? हम यहाँ “अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य के उपदेश को विस्तार से स्पष्ट कर रहे हैं, ताकि आप इसे केवल बौद्धिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि हृदय और प्रत्यक्ष अनुभव के स्तर पर भी समझ सकें। यह …

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चार-महावाक्यों से स्वयं को पाने की यात्रा कैसे शुरू होती है?

by BodhaVriksha
How do the Four Mahavakyas open the path to self-realization?

“यह लेख अद्वैत वेदांत के चार महावाक्यों के माध्यम से आत्म-साक्षात्कार की उस भीतरी यात्रा को स्पर्श करता है, जहाँ साधक देह और अहंकार की सीमाओं से परे जाकर शुद्ध चेतना को पहचानता है। यह आत्मा और ब्रह्म की एकता …

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माया संसार के रूप में हमें कैसे भासती है?

by BodhaVriksha
Maya upnishad

माया को केवल जान लेना ही माया से पार पाना, माया वास्तव में कहीं बाहर मौजूद कोई ठोस वस्तु नहीं है, फिर भी यह सम्पूर्ण संसार की अनुभूति के रूप में प्रकट होती है। इसलिए यदि कोई यह कह दे …

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उपनिषद् का “तत् त्वम् असि” क्या संकेत देता हैं?

by BodhaVriksha
Tat tvam asi mantra

उपनिषदों की गहन ज्ञान की खोज करें महावाक्य “तत् त्वम् असि” – “तू वही है” के माध्यम से। यह प्राचीन शिक्षा बताती है कि परम सत्य बाहरी दुनिया में नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर है। जानें कि आत्म-साक्षात्कार, आंतरिक …

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आत्मन वास्तव में क्या हैं?

by BodhaVriksha
What is Atman

क्या आप भी आत्मा को भूत या चुड़ैल मानते हैं? वेदों के सबसे बड़े सत्य के साथ हम क्या कर रहे हैं? आपके अस्तित्व का सबसे बड़ा सत्य और सत्य से संबंधित अंधविश्वास साधकों, आप शायद जानते होंगे कि आपका …

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जीवन में इतना दुख क्यों हैं?

by BodhaVriksha
suffering in life

इस संसार में निवास करने वाले सभी जीव सदा अपने सुख की ही कामना करते हैं। हर कोई चाहता है कि उसका जीवन आनंदमय और शांतिपूर्ण हो। लेकिन हमारी अज्ञानता के कारण हम यह नहीं जान पाते कि वास्तविक सुख …

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पूर्ण समर्पण के लिए क्या तुम तैयार हों?

by BodhaVriksha
Purna Samarpana (Complete Surrender)

पूर्ण समर्पण क्या है? पूर्ण समर्पण का अर्थ केवल बाहरी क्रिया नहीं है। यह केवल कुछ छोड़ देने या किसी के प्रति भक्ति दिखाने का नाम नहीं है। पूर्ण समर्पण का अर्थ है – अपने अहंकार, अपने स्वयं के स्वार्थ …

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“नेति नेति” मंत्र से माया कैसे नष्ट करें?

by BodhaVriksha
Neti Neti Mantra

“नेति नेति” साधना की गहन प्रक्रिया की खोज करें, जो साधकों को उनके सच्चे स्वरूप को पहचानने की ओर मार्गदर्शन करती है। सभी अस्थायी, बदलते अनुभवों, विचारों और आसक्तियों को पहचानकर और त्यागकर, व्यक्ति धीरे-धीरे अपने भीतर स्थित अनंत साक्षी …

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आध्यात्मिक परमानंद क्या हैं?

by BodhaVriksha
Spiritual Bliss

आध्यात्मिक परमानंद यह एक ऐसी आध्यात्मिक अवस्था है जिसमें आपको बिना किसी सांसारिक कारण के ही आनंद प्राप्त होता हैं। इसे पाना इसे समझाना हमारे बस की बात नहीं। मै ऐसा इस लिए कह रहा हु क्योंकि ये मन, बुद्धि …

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आत्मज्ञान, आत्म-बोध क्या होता हैं?

by BodhaVriksha
Aatma Gyan

आत्मज्ञान जिसे स्वयं का ज्ञान, साक्षित्व और विशुद्ध चेतना का दर्शन भी कहा जाता हैं। यह आपको भीतर से मिलने वाली शांति हैं। जब आपको स्वयं का बोध नहीं होता तो आप जो आप नहीं है उसे अपना स्वरूप मान …

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