Read this Blog in:

आत्म बोध उद्धरण दर्शन धर्मग्रंथ ध्यान भक्ति मंत्र विज्ञान

‘प्रज्ञानं ब्रह्म’ महावाक्य आपको क्या संदेश देता हैं?

by Shri Nikhil

प्रज्ञानं ब्रह्म भी अद्वैत परम्परा के चार महावाक्योंमें से एक अत्यंत महत्वपूर्ण महावाक्य है, जिसके प्रचार और व्यवस्थित दार्शनिक प्रतिपादन का …

Continue reading…

‘अहम ब्रह्मास्मि’ महावाक्य हमें क्या सिखाता है?

by Shri Nikhil

“अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य क्या हैं? हम यहाँ “अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य के उपदेश को विस्तार से स्पष्ट कर रहे हैं, ताकि आप …

Continue reading…

krishnaya vasudevay harye parmatmane Mantra

‘ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने’ मंत्र सिद्ध कैसे होंगा?

by Shri Nikhil

मैं एक कृष्ण भक्त अनुभव करता हूँ कि ‘कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने’ मंत्र का जाप मेरे में भीतर की शांति, आत्मा …

Continue reading…

कृष्ण के भक्त “राधे राधे” मंत्र का जप क्यों करते हैं?

by Shri Nikhil

“राधे राधे” कृष्ण मंत्र श्री राधा के नाम की महिमा और राधे–राधे जप के लाभ। देवी राधा राजा वृषभानु और रानी …

Continue reading…

Tat tvam asi mantra

उपनिषद् का “तत् त्वम् असि” क्या संकेत देता हैं?

by Shri Nikhil

उपनिषदों की गहन ज्ञान की खोज करें महावाक्य “तत् त्वम् असि” – “तू वही है” के माध्यम से। यह प्राचीन शिक्षा …

Continue reading…

Neti Neti Mantra

“नेति नेति” मंत्र से माया कैसे नष्ट करें?

by Shri Nikhil

“नेति नेति” साधना की गहन प्रक्रिया की खोज करें, जो साधकों को उनके सच्चे स्वरूप को पहचानने की ओर मार्गदर्शन करती …

Continue reading…

Hare Krishna hare Rama Mantra

“हरे कृष्ण हरे राम” मंत्र जाप और कीर्तन से संबंधित

by Shri Nikhil

हरे कृष्ण! भगवान के पवित्र नाम के कीर्तन में परम दुर्लभ आनंद है। जिसने भगवान के नाम की शक्ति को समझ …

Continue reading…

Donate
UPI QR Code