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आत्म बोध उद्धरण दर्शन धर्मग्रंथ ध्यान भक्ति मंत्र विज्ञान

‘प्रज्ञानं ब्रह्म’ महावाक्य आपको क्या संदेश देता हैं?

by Shri Nikhil

प्रज्ञानं ब्रह्म भी अद्वैत परम्परा के चार महावाक्योंमें से एक अत्यंत महत्वपूर्ण महावाक्य है, जिसके प्रचार और व्यवस्थित दार्शनिक प्रतिपादन का …

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‘योगः चित्त वृत्ति निरोधः’ से महर्षि पतंजलि क्या सिखा रहे हैं?

by Shri Nikhil

“योग चित्त वृत्ति निरोध का अर्थ है मन की चंचल और परिवर्तनशील वृत्तियों का शांत हो जाना। जब साधक विचारों से …

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How do the Four Mahavakyas open the path to self-realization?

चार-महावाक्यों से स्वयं को पाने की यात्रा कैसे शुरू होती है?

by Shri Nikhil

“यह लेख अद्वैत वेदांत के चार महावाक्यों के माध्यम से आत्म-साक्षात्कार की उस भीतरी यात्रा को स्पर्श करता है, जहाँ साधक …

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suffering in life

जीवन में इतना दुख क्यों हैं?

by Shri Nikhil

इस संसार में निवास करने वाले सभी जीव सदा अपने सुख की ही कामना करते हैं। हर कोई चाहता है कि …

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