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आत्म बोध उद्धरण दर्शन धर्मग्रंथ ध्यान भक्ति मंत्र विज्ञान

श्रीमद् भगवत गीता के आध्यात्मिक अनमोल वचन

by Shri Nikhil

“श्रीमद् भगवद् गीता के आध्यात्मिक ज्ञान मानव जीवन के लिए अमूल्य धरोहर हैं। यहाँ मैंने श्रीमद् भगवद् गीता के उन अनमोल …

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‘अहम ब्रह्मास्मि’ महावाक्य हमें क्या सिखाता है?

by Shri Nikhil

“अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य क्या हैं? हम यहाँ “अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य के उपदेश को विस्तार से स्पष्ट कर रहे हैं, ताकि आप …

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Shree Krishna govind hare murari Mantra

‘श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी’ मंत्र श्रीभगवान के समीप पहुंचने

by Shri Nikhil

यह मंत्र केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह कृष्ण भक्तों के हृदय की पुकार है, उनकी शरणागति है और …

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‘योगः चित्त वृत्ति निरोधः’ से महर्षि पतंजलि क्या सिखा रहे हैं?

by Shri Nikhil

“योग चित्त वृत्ति निरोध का अर्थ है मन की चंचल और परिवर्तनशील वृत्तियों का शांत हो जाना। जब साधक विचारों से …

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How do the Four Mahavakyas open the path to self-realization?

चार-महावाक्यों से स्वयं को पाने की यात्रा कैसे शुरू होती है?

by Shri Nikhil

“यह लेख अद्वैत वेदांत के चार महावाक्यों के माध्यम से आत्म-साक्षात्कार की उस भीतरी यात्रा को स्पर्श करता है, जहाँ साधक …

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Tat tvam asi mantra

उपनिषद् का “तत् त्वम् असि” क्या संकेत देता हैं?

by Shri Nikhil

उपनिषदों की गहन ज्ञान की खोज करें महावाक्य “तत् त्वम् असि” – “तू वही है” के माध्यम से। यह प्राचीन शिक्षा …

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