Read this Blog in:

आत्म बोध उद्धरण दर्शन धर्मग्रंथ ध्यान भक्ति मंत्र विज्ञान

‘प्रज्ञानं ब्रह्म’ महावाक्य आपको क्या संदेश देता हैं?

by BodhaVriksha

प्रज्ञानं ब्रह्म भी अद्वैत परम्परा के चार महावाक्योंमें से एक अत्यंत महत्वपूर्ण महावाक्य है, जिसके प्रचार और व्यवस्थित दार्शनिक प्रतिपादन का श्रेय आदि शंकराचार्य को जाता है। यह महावाक्य मूल रूप से ऋग्वेद के ऐतरेय उपनिषद में प्राप्त होता है, …

CONTINUE READING

‘अहम ब्रह्मास्मि’ महावाक्य हमें क्या सिखाता है?

by BodhaVriksha

“अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य क्या हैं? हम यहाँ “अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य के उपदेश को विस्तार से स्पष्ट कर रहे हैं, ताकि आप इसे केवल बौद्धिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि हृदय और प्रत्यक्ष अनुभव के स्तर पर भी समझ सकें। यह …

CONTINUE READING

‘योगः चित्त वृत्ति निरोधः’ से महर्षि पतंजलि क्या सिखा रहे हैं?

by BodhaVriksha

“योग चित्त वृत्ति निरोध का अर्थ है मन की चंचल और परिवर्तनशील वृत्तियों का शांत हो जाना। जब साधक विचारों से तादात्म्य छोड़कर साक्षी भाव में स्थित होता है, तब वह अपने वास्तविक स्वरूप का अनुभव करता है।” योग चित्त …

CONTINUE READING

चार-महावाक्यों से स्वयं को पाने की यात्रा कैसे शुरू होती है?

by BodhaVriksha
How do the Four Mahavakyas open the path to self-realization?

“यह लेख अद्वैत वेदांत के चार महावाक्यों के माध्यम से आत्म-साक्षात्कार की उस भीतरी यात्रा को स्पर्श करता है, जहाँ साधक देह और अहंकार की सीमाओं से परे जाकर शुद्ध चेतना को पहचानता है। यह आत्मा और ब्रह्म की एकता …

CONTINUE READING

माया संसार के रूप में हमें कैसे भासती है?

by BodhaVriksha
Maya upnishad

माया को केवल जान लेना ही माया से पार पाना, माया वास्तव में कहीं बाहर मौजूद कोई ठोस वस्तु नहीं है, फिर भी यह सम्पूर्ण संसार की अनुभूति के रूप में प्रकट होती है। इसलिए यदि कोई यह कह दे …

CONTINUE READING

उपनिषद् का “तत् त्वम् असि” क्या संकेत देता हैं?

by BodhaVriksha
Tat tvam asi mantra

उपनिषदों की गहन ज्ञान की खोज करें महावाक्य “तत् त्वम् असि” – “तू वही है” के माध्यम से। यह प्राचीन शिक्षा बताती है कि परम सत्य बाहरी दुनिया में नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर है। जानें कि आत्म-साक्षात्कार, आंतरिक …

CONTINUE READING

आत्मन वास्तव में क्या हैं?

by BodhaVriksha
What is Atman

क्या आप भी आत्मा को भूत या चुड़ैल मानते हैं? वेदों के सबसे बड़े सत्य के साथ हम क्या कर रहे हैं? आपके अस्तित्व का सबसे बड़ा सत्य और सत्य से संबंधित अंधविश्वास साधकों, आप शायद जानते होंगे कि आपका …

CONTINUE READING

जीवन में इतना दुख क्यों हैं?

by BodhaVriksha
suffering in life

इस संसार में निवास करने वाले सभी जीव सदा अपने सुख की ही कामना करते हैं। हर कोई चाहता है कि उसका जीवन आनंदमय और शांतिपूर्ण हो। लेकिन हमारी अज्ञानता के कारण हम यह नहीं जान पाते कि वास्तविक सुख …

CONTINUE READING

“नेति नेति” मंत्र से माया कैसे नष्ट करें?

by BodhaVriksha
Neti Neti Mantra

“नेति नेति” साधना की गहन प्रक्रिया की खोज करें, जो साधकों को उनके सच्चे स्वरूप को पहचानने की ओर मार्गदर्शन करती है। सभी अस्थायी, बदलते अनुभवों, विचारों और आसक्तियों को पहचानकर और त्यागकर, व्यक्ति धीरे-धीरे अपने भीतर स्थित अनंत साक्षी …

CONTINUE READING

आध्यात्मिक परमानंद क्या हैं?

by BodhaVriksha
Spiritual Bliss

आध्यात्मिक परमानंद यह एक ऐसी आध्यात्मिक अवस्था है जिसमें आपको बिना किसी सांसारिक कारण के ही आनंद प्राप्त होता हैं। इसे पाना इसे समझाना हमारे बस की बात नहीं। मै ऐसा इस लिए कह रहा हु क्योंकि ये मन, बुद्धि …

CONTINUE READING

Donate
UPI QR Code