Read this Blog in:

अनमोल वचन आत्मबोध त्योहार दर्शन और शास्त्रज्ञान धार्मिक शास्त्र भगवान कृष्ण भगवान शिव मन और चेतना योग वेदांत

‘ओम नमो भगवते रुद्राय’ मंत्र का अर्थ और लाभ

'Om Namo Bhagavate Rudraya' Mantra

‘ओम नमो भगवते रुद्राय’ मंत्र ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः ॐ : ओम नमो: नमन करना भगवते रुद्राय: भगवान रुद्र को …

Continue reading…

‘ओम’ मंत्र जाप से क्या लाभ मिलते हैं और इसे कैसे करें?

Om Mantra Chanting

क्या मुझे ओम के जाप की अवश्यकता हैं? अगर आप शास्त्रों को पढ़ें तो वहां पाएंगे कि ओम को प्रणव कहा …

Continue reading…

आत्म-अवलोकन क्या हैं, क्यों आवश्यक और कैसे करें?

Self Observation

आत्म-अवलोकन से मनुष्य उस अवस्था तक पहुँच जाता है जहाँ जानने के लिए कुछ शेष नहीं रह जाता। यही आत्मज्ञान के …

Continue reading…

‘परा विद्या’ और ‘अपरा विद्या’ क्या है और इनमें क्या अंतर है?

Para Vidya and Apara Vidya

साधकों, परा विद्या और अपरा विद्या क्या हैं? इनमें क्या अंतर है? मुण्डक उपनिषद के में विद्वान ऋषि अंगीरथ इसका उत्तर …

Continue reading…

स्वर्णमाला स्तुति ‘ईशगिरीश नरेश’ के बोल,अर्थ और जानकारी

Shiv Swarnamala Stuti

इस लेख में मैंने शिव स्वर्णमाला स्तुति ‘ईशगिरीश नरेश’ के संपूर्ण बोल, प्रत्येक श्लोक का सरल हिन्दी अर्थ तथा इस स्तुति …

Continue reading…

माया कैसे बनती है? क्या माया आपही से उत्पन्न होती है?

Maya Kaise Banti Hai

माया कैसे बनती है? क्या माया आपसे ही उत्पन्न होती है? माया का कोई स्वतंत्र अस्तित्व नहीं होता। उसका अपना कोई …

Continue reading…