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अनमोल वचन दर्शन और शास्त्रज्ञान भगवान कृष्ण भगवान शिव मन और चेतना योग वेदांत

आत्म-अवलोकन क्या हैं, क्यों आवश्यक और कैसे करें?

by Shri Nikhil

आत्म-अवलोकन से मनुष्य उस अवस्था तक पहुँच जाता है जहाँ जानने के लिए कुछ शेष नहीं रह जाता। यही सर्वोच्च आनंद …

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आध्यात्मिक मुक्ति क्या है?

by Shri Nikhil

साधकों, आध्यात्मिक मुक्ति कोई ऐसी अवधारणा नहीं है जिसे केवल पढ़कर या समझकर प्राप्त किया जा सके। यह अपने बंधनों, माया …

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Shree Krishna govind hare murari Mantra

‘श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी’ मंत्र श्रीभगवान के समीप पहुंचने

by Shri Nikhil

यह मंत्र केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह कृष्ण भक्तों के हृदय की पुकार है, उनकी शरणागति है और …

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‘योग चित्त वृत्ति निरोध’ से महर्षि पतंजलि क्या सिखा रहे हैं?

by Shri Nikhil

“योग चित्त वृत्ति निरोध का अर्थ है मन की चंचल और परिवर्तनशील वृत्तियों का शांत हो जाना। जब साधक विचारों से …

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कृष्ण के भक्त “राधे राधे” मंत्र का जप क्यों करते हैं?

by Shri Nikhil

“राधे राधे” कृष्ण मंत्र श्री राधा के नाम की महिमा और राधे–राधे जप के लाभ। देवी राधा राजा वृषभानु और रानी …

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