शिव भक्तों में यह स्तोत्र शिव के अन्य जैसे रुद्राष्टकम स्तोत्र नमामि शमिशान और स्वर्ण माला स्तुति ‘ईश गिरीश नरेश के समान प्रचलित है। इसकी रचना को लेकर कथाएं है जिसमें माना जाता है कि लंकापति दशानन रावण इसके मूल रचनाकर है ये कथाएं क्या है। और इसकी रचना पर बात करेंगें। और अगर आप शिव भक्त है तो आपको क्यों इसका जाप गान क्यों करना चाहिए , शिव तांडव स्तोत्र के लाभ क्या है जाएंगे।
योग
‘यदा यदा हि धर्मस्य’ श्लोक, अर्थ और व्याख्या (भगवद्गीता 4.7 & 8)
भगवान ने अर्जुन से कहा था, जिसे आप गीता के चौथे अध्याय ज्ञानकर्मसंन्यासयोग के सातवें और आठवें श्लोक में पढ़ते हैं। …
‘सा विद्या या विमुक्तये’ श्लोक, अर्थ और उपदेश (विष्णुपुराण 1.19.41 )
महावाक्य सुना होगा क्योंकि इसका आध्यात्मिक ज्ञान में कि इस के लिए अत्यंत महत्व है। वास्तव में विद्या वह है जो …
‘न जायते म्रियते वा कदाचिन्’ श्लोक, अर्थ और उपदेश — भगवद्गीता 2.20
‘न जायते म्रियते वा कदाचिन्’ श्लोक का अर्थ और व्याख्या भगवद्गीता के दूसरे अध्याय का बीसवाँ श्लोक इस प्रकार है— न …
‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ — श्लोक का अर्थ और उपदेश (भगवद्गीता 2.47)
मैं भगवद्गीता को आज तक पढ़े गए सभी शास्त्रों में सबसे श्रेष्ठ आध्यात्मिक ग्रंथ मानता हूं। गीता संपूर्ण है — यह …
भगवत गीता में निष्काम कर्मयोग क्या है, और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति और मानव जीवन के सबसे बड़े उद्देश्य—मोक्ष—को प्राप्त करने के लिए ही योग का अभ्यास किया जाता …
आत्मज्ञान क्या होता है कैसे प्राप्त करे एवं लाभ
जो आत्म नहीं है, उसे उसी रूप में जानना आत्मज्ञान होता है। विचार आते हैं और जाते हैं, चीजें बदल जाती …
‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का अर्थ और लाभ
ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र मंत्र के बोल : ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः भगवान कृष्ण को समर्पित इस ‘ओम नमो …
मन क्यों भटकता है और क्या समाधान?
मन अनेक इच्छाओं, लक्ष्यों और बाहरी आकर्षणों के कारण भटकता रहता है। वह भविष्य की चिंताओं और अतीत की स्मृतियों में …
अहंकार क्या होता है, इसे कैसे जाने और त्यागे?
अहंकार क्या होता है? यह मूल रूप से संस्कृत भाषा का शब्द है जो ‘अहम’ और ‘कार’ से बना है, अहम …