भगवत गीता में निष्काम कर्मयोग क्या है, और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति और मानव जीवन के सबसे बड़े उद्देश्य—मोक्ष—को प्राप्त करने के लिए ही योग का अभ्यास किया जाता …
आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति और मानव जीवन के सबसे बड़े उद्देश्य—मोक्ष—को प्राप्त करने के लिए ही योग का अभ्यास किया जाता …
सच्चा प्रेम और झूठा प्रेम By Bodhavriksha हमने सुना है कि प्रेम एक प्यारा अनुभव है। बहुत किस्से-कहानियाँ हैं। लोग कहते …
जो आत्म नहीं है, उसे उसी रूप में जानना आत्मज्ञान होता है। विचार आते हैं और जाते हैं, चीजें बदल जाती …
मन अनेक इच्छाओं, लक्ष्यों और बाहरी आकर्षणों के कारण भटकता रहता है। वह भविष्य की चिंताओं और अतीत की स्मृतियों में …
भगवान कृष्ण, गुरु नानक, संत कबीर और ऐसे अनेक महापुरुषों ने मन को बुद्धि के अधीन रखना अत्यंत आवश्यक बताया है। …
परमात्मा कौन है? परमात्मा आपका ही पवित्र स्वरूप है क्योंकि परम और आत्म को मिलाकर ही परमात्मा शब्द बनता है। परम …
अगर आप मुण्डक उपनिषद् के तृतीय मुण्डक के द्वितीय खंड के नौवें श्लोक को पढ़ेंगे तो आप वहां यह वाक्य पाएंगे …
अहंकार क्या होता है? यह मूल रूप से संस्कृत भाषा का शब्द है जो ‘अहम’ और ‘कार’ से बना है, अहम …
‘ओम नमो भगवते रुद्राय’ मंत्र ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः ॐ : ओम नमो: नमन करना भगवते रुद्राय: भगवान रुद्र को …
क्या मुझे ओम के जाप की अवश्यकता हैं? अगर आप शास्त्रों को पढ़ें तो वहां पाएंगे कि ओम को प्रणव कहा …