शिव ने कामदेव को भस्म क्यों किया? (कथा और इसकी सीख)
भगवान शिव की पूजा सारे देवता करते हैं क्योंकि पौराणिक कथाओं में जब भी देवताओं पर कोई संकट आया है, उनकी …
भगवान शिव की पूजा सारे देवता करते हैं क्योंकि पौराणिक कथाओं में जब भी देवताओं पर कोई संकट आया है, उनकी …
महावाक्य सुना होगा क्योंकि इसका आध्यात्मिक ज्ञान में कि इस के लिए अत्यंत महत्व है। वास्तव में विद्या वह है जो …
‘न जायते म्रियते वा कदाचिन्’ श्लोक का अर्थ और व्याख्या भगवद्गीता के दूसरे अध्याय का बीसवाँ श्लोक इस प्रकार है— न …
आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति और मानव जीवन के सबसे बड़े उद्देश्य—मोक्ष—को प्राप्त करने के लिए ही योग का अभ्यास किया जाता …
सच्चा प्रेम और झूठा प्रेम By Bodhavriksha हमने सुना है कि प्रेम एक प्यारा अनुभव है। बहुत किस्से-कहानियाँ हैं। लोग कहते …
जो आत्म नहीं है, उसे उसी रूप में जानना आत्मज्ञान होता है। विचार आते हैं और जाते हैं, चीजें बदल जाती …
मन अनेक इच्छाओं, लक्ष्यों और बाहरी आकर्षणों के कारण भटकता रहता है। वह भविष्य की चिंताओं और अतीत की स्मृतियों में …
भगवान कृष्ण, गुरु नानक, संत कबीर और ऐसे अनेक महापुरुषों ने मन को बुद्धि के अधीन रखना अत्यंत आवश्यक बताया है। …
परमात्मा कौन है? परमात्मा आपका ही पवित्र स्वरूप है क्योंकि परम और आत्मा से ही परमात्मा शब्द बना है। परम यानि …
अगर आप मुण्डक उपनिषद् के तृतीय मुण्डक के द्वितीय खंड के नौवें श्लोक को पढ़ेंगे तो आप वहां यह वाक्य पाएंगे …