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अनमोल वचन दर्शन और शास्त्रज्ञान भगवान कृष्ण भगवान शिव मन और चेतना योग वेदांत

आत्म-अवलोकन क्या हैं, क्यों आवश्यक और कैसे करें?

by Shri Nikhil

आत्म-अवलोकन से मनुष्य उस अवस्था तक पहुँच जाता है जहाँ जानने के लिए कुछ शेष नहीं रह जाता। यही सर्वोच्च आनंद …

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‘परा विद्या’ और ‘अपरा विद्या’ क्या है और इनमें क्या अंतर है?

by Shri Nikhil

साधकों, परा विद्या और अपरा विद्या क्या हैं? इनमें क्या अंतर है? मुण्डक उपनिषद के में विद्वान ऋषि अंगीरथ इसका उत्तर …

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माया कैसे बनती है? क्या माया आपही से उत्पन्न होती है?

by Shri Nikhil

माया कैसे बनती है? क्या माया आपसे ही उत्पन्न होती है? माया का कोई स्वतंत्र अस्तित्व नहीं होता। उसका अपना कोई …

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‘प्रज्ञानं ब्रह्म’ महावाक्य आपको क्या संदेश देता हैं?

by Shri Nikhil

प्रज्ञानं ब्रह्म भी अद्वैत परम्परा के चार महावाक्यों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण महावाक्य है, जिसके प्रचार और व्यवस्थित दार्शनिक प्रतिपादन …

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‘अहम ब्रह्मास्मि’ महावाक्य हमें क्या सिखाता है?

by Shri Nikhil

“अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य क्या हैं? हम यहाँ “अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य के उपदेश को विस्तार से स्पष्ट कर रहे हैं, ताकि आप …

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How do the Four Mahavakyas open the path to self-realization?

चार-महावाक्यों से स्वयं को पाने की यात्रा कैसे शुरू होती है?

by Shri Nikhil

“यह लेख अद्वैत वेदांत के चार महावाक्यों के माध्यम से आत्म-साक्षात्कार की उस भीतरी यात्रा को स्पर्श करता है, जहाँ साधक …

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Tat tvam asi mantra

उपनिषद् का “तत् त्वम् असि” क्या संकेत देता हैं?

by Shri Nikhil

उपनिषदों की गहन ज्ञान की खोज करें महावाक्य “तत् त्वम् असि” – “तू वही है” के माध्यम से। यह प्राचीन शिक्षा …

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Neti Neti Mantra

“नेति नेति” मंत्र से माया कैसे नष्ट करें?

by Shri Nikhil

“नेति नेति” साधना की गहन प्रक्रिया की खोज करें, जो साधकों को उनके सच्चे स्वरूप को पहचानने की ओर मार्गदर्शन करती …

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