अर्जुन ने कैसे किया था विश्वरूप का दर्शन?
अर्जुन ने भगवान का विश्वरूप कहाँ देखा था? अर्जुन को जब भगवान कृष्ण ने अपना विश्वरूप दिखाया था, तब अर्जुन बहुत …
अर्जुन ने भगवान का विश्वरूप कहाँ देखा था? अर्जुन को जब भगवान कृष्ण ने अपना विश्वरूप दिखाया था, तब अर्जुन बहुत …
उपनिषद वेदों के सबसे उच्च शिखर हैं। उनमें नौ उपनिषदों को प्रमुख माना जाता है। अगर आप इस लोक-धर्म के दिखावे …
आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति और मानव जीवन के सबसे बड़े उद्देश्य—मोक्ष—को प्राप्त करने के लिए ही योग का अभ्यास किया जाता …
परमात्मा कौन है? परमात्मा आपका ही पवित्र स्वरूप है क्योंकि परम और आत्मा से ही परमात्मा शब्द बना है। परम यानि …
आत्म-अवलोकन से मनुष्य उस अवस्था तक पहुँच जाता है जहाँ जानने के लिए कुछ शेष नहीं रह जाता। यही आत्मज्ञान के …
साधकों, परा विद्या और अपरा विद्या क्या हैं? इनमें क्या अंतर है? मुण्डक उपनिषद के में विद्वान ऋषि अंगीरथ इसका उत्तर …
माया कैसे बनती है? क्या माया आपसे ही उत्पन्न होती है? माया का कोई स्वतंत्र अस्तित्व नहीं होता। उसका अपना कोई …
प्रज्ञानं ब्रह्म भी अद्वैत परम्परा के चार महावाक्यों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण महावाक्य है, जिसके प्रचार और व्यवस्थित दार्शनिक प्रतिपादन …
“अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य क्या हैं? हम यहाँ “अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य के उपदेश को विस्तार से स्पष्ट कर रहे हैं, ताकि आप …
“यह लेख अद्वैत वेदांत के चार महावाक्यों के माध्यम से आत्म-साक्षात्कार की उस भीतरी यात्रा को स्पर्श करता है, जहाँ साधक …