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‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ — श्लोक का अर्थ और उपदेश

by Shri Nikhil

मैं भगवद्गीता को आज तक पढ़े गए सभी शास्त्रों में सबसे श्रेष्ठ आध्यात्मिक ग्रंथ मानता हूं। गीता संपूर्ण है — यह …

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भगवत गीता में निष्काम कर्मयोग क्या है, और यह क्यों महत्वपूर्ण है?

by Shri Nikhil

आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति और मानव जीवन के सबसे बड़े उद्देश्य—मोक्ष—को प्राप्त करने के लिए ही योग का अभ्यास किया जाता …

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सच्चा प्रेम और झूठा प्रेम क्या है? – अंतर

सच्चा प्रेम और झूठा प्रेम क्या है? – अंतर

by Shri Nikhil

सच्चा प्रेम और झूठा प्रेम By Bodhavriksha हमने सुना है कि प्रेम एक प्यारा अनुभव है। बहुत किस्से-कहानियाँ हैं। लोग कहते …

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Aatma Gyan

आत्मज्ञान क्या होता है कैसे प्राप्त करे एवं लाभ

by Shri Nikhil

जो आत्म नहीं है, उसे उसी रूप में जानना आत्मज्ञान होता है। विचार आते हैं और जाते हैं, चीजें बदल जाती …

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‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का अर्थ और लाभ

by Shri Nikhil

ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र मंत्र के बोल : ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः  भगवान कृष्ण को समर्पित इस ‘ओम नमो …

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What Are "Namaskar" and "Namaste"?

‘नमस्कार’ और ‘नमस्ते’ क्या हैं?

by Shri Nikhil

“नमस्कार” और “नमस्ते” क्या हैं? भारतीय संस्कृति में हम किसी का अभिवादन करने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए …

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man bhatakta kyo hai to kya kare

मन क्यों भटकता है और क्या समाधान?

by Shri Nikhil

मन अनेक इच्छाओं, लक्ष्यों और बाहरी आकर्षणों के कारण भटकता रहता है। वह भविष्य की चिंताओं और अतीत की स्मृतियों में …

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man hi mitra man hi shatru

‘मन ही मित्र, मन ही शत्रु’ लेकिन कैसे?

by Shri Nikhil

भगवान कृष्ण, गुरु नानक, संत कबीर और ऐसे अनेक महापुरुषों ने मन को बुद्धि के अधीन रखना अत्यंत आवश्यक बताया है। …

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parmatmakon kon hai kaise milta hai

परमात्मा कौन है और कैसे मिलता हैं?

by Shri Nikhil

परमात्मा कौन है? परमात्मा आपका ही पवित्र स्वरूप है क्योंकि परम और आत्म को मिलाकर ही परमात्मा शब्द बनता है। परम …

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brahmavid brahmaiva bhavati

‘ब्रह्मविद् ब्रह्मैव भवति’ का अर्थ और उपदेश क्या हैं?

by Shri Nikhil

अगर आप मुण्डक उपनिषद् के तृतीय मुण्डक के द्वितीय खंड के नौवें श्लोक को पढ़ेंगे तो आप वहां यह वाक्य पाएंगे …

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