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"सा विद्या या विमुक्तये" श्लोक, अर्थ और उपदेश

‘सा विद्या या विमुक्तये’ श्लोक, अर्थ और उपदेश (विष्णुपुराण 1.19.41 )

महावाक्य सुना होगा क्योंकि इसका आध्यात्मिक ज्ञान में कि इस के लिए अत्यंत महत्व है। वास्तव में विद्या वह है जो …

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‘न जायते म्रियते वा कदाचिन्’ श्लोक, अर्थ और उपदेश — भगवद्गीता 2.20

‘न जायते म्रियते वा कदाचिन्’ श्लोक का अर्थ और व्याख्या भगवद्गीता के दूसरे अध्याय का बीसवाँ श्लोक इस प्रकार है— न …

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‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ — श्लोक का अर्थ और उपदेश (भगवद्गीता 2.47)

मैं भगवद्गीता को आज तक पढ़े गए सभी शास्त्रों में सबसे श्रेष्ठ आध्यात्मिक ग्रंथ मानता हूं। गीता संपूर्ण है — यह …

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भगवत गीता में निष्काम कर्मयोग क्या है, और यह क्यों महत्वपूर्ण है?

आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति और मानव जीवन के सबसे बड़े उद्देश्य—मोक्ष—को प्राप्त करने के लिए ही योग का अभ्यास किया जाता …

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सच्चा प्रेम और झूठा प्रेम क्या है? – अंतर

सच्चा प्रेम और झूठा प्रेम क्या है? – अंतर

सच्चा प्रेम और झूठा प्रेम By Bodhavriksha हमने सुना है कि प्रेम एक प्यारा अनुभव है। बहुत किस्से-कहानियाँ हैं। लोग कहते …

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Aatma Gyan

आत्मज्ञान क्या होता है कैसे प्राप्त करे एवं लाभ

जो आत्म नहीं है, उसे उसी रूप में जानना आत्मज्ञान होता है। विचार आते हैं और जाते हैं, चीजें बदल जाती …

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‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का अर्थ और लाभ

ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र मंत्र के बोल : ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः  भगवान कृष्ण को समर्पित इस ‘ओम नमो …

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What Are "Namaskar" and "Namaste"?

‘नमस्कार’ और ‘नमस्ते’ क्या हैं?

“नमस्कार” और “नमस्ते” क्या हैं? भारतीय संस्कृति में हम किसी का अभिवादन करने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए …

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man bhatakta kyo hai to kya kare

मन क्यों भटकता है और क्या समाधान?

मन अनेक इच्छाओं, लक्ष्यों और बाहरी आकर्षणों के कारण भटकता रहता है। वह भविष्य की चिंताओं और अतीत की स्मृतियों में …

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man hi mitra man hi shatru

‘मन ही मित्र, मन ही शत्रु’ लेकिन कैसे?

भगवान कृष्ण, गुरु नानक, संत कबीर और ऐसे अनेक महापुरुषों ने मन को बुद्धि के अधीन रखना अत्यंत आवश्यक बताया है। …

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