शिव भक्तों में यह स्तोत्र शिव के अन्य जैसे रुद्राष्टकम स्तोत्र नमामि शमिशान और स्वर्ण माला स्तुति ‘ईश गिरीश नरेश के समान प्रचलित है। इसकी रचना को लेकर कथाएं है जिसमें माना जाता है कि लंकापति दशानन रावण इसके मूल रचनाकर है ये कथाएं क्या है। और इसकी रचना पर बात करेंगें। और अगर आप शिव भक्त है तो आपको क्यों इसका जाप गान क्यों करना चाहिए , शिव तांडव स्तोत्र के लाभ क्या है जाएंगे।
अहोई अष्टमी व्रत और इसकी कथा क्या है
पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार अहोई अष्टमी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। वहीं अमांत पंचांग …