योग में ‘समाधि’ और ‘समाधिस्थ’ किसे कहते हैं?
योग में ‘समाधि’ किस अवस्था को कहते हैं? बुद्धि के सम हो जाने को समाधि कहते हैं, ‘सम’ कर ‘बुद्धि’ । …
योग में ‘समाधि’ किस अवस्था को कहते हैं? बुद्धि के सम हो जाने को समाधि कहते हैं, ‘सम’ कर ‘बुद्धि’ । …
इस लेख में मैंने भगवान शिव की प्रसिद्ध ‘नमामि शमीशान’ स्तुति – रुद्राष्टकम् के संपूर्ण बोल, सरल हिन्दी अर्थ तथा उसके …
अगर आप जीना चाहते हैं, जीवन मात्र के अतुलनीय परम आनंद को उपलब्ध होना चाहते हैं, तो आपके जीवन में ध्यान …
क्या ध्यान कोई शरीर से किया जाने वाला कर्म होता है? आपने ज्यादातर लोगों को अक्सर ऐसे कहते सुना होगा कि …
साधकों, आध्यात्मिक मुक्ति कोई ऐसी अवधारणा नहीं है जिसे केवल पढ़कर या समझकर प्राप्त किया जा सके। यह अपने बंधनों, माया …
“श्रीमद् भगवद् गीता के आध्यात्मिक ज्ञान मानव जीवन के लिए अमूल्य धरोहर हैं। यहाँ मैंने श्रीमद् भगवद् गीता के उन अनमोल …
प्रज्ञानं ब्रह्म भी अद्वैत परम्परा के चार महावाक्यों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण महावाक्य है, जिसके प्रचार और व्यवस्थित दार्शनिक प्रतिपादन …
“अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य क्या हैं? हम यहाँ “अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य के उपदेश को विस्तार से स्पष्ट कर रहे हैं, ताकि आप …
यह मंत्र केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह कृष्ण भक्तों के हृदय की पुकार है, उनकी शरणागति है और …
“योग चित्त वृत्ति निरोध का अर्थ है मन की चंचल और परिवर्तनशील वृत्तियों का शांत हो जाना। जब साधक विचारों से …
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