Read this Blog in:

आत्म बोध उद्धरण दर्शन धर्मग्रंथ ध्यान भक्ति मंत्र विज्ञान

शिव स्वर्णमाला स्तुति ‘ईशगिरीश नरेश’ के बोल,अर्थ और जानकारी

by Shri Nikhil

इस लेख में मैंने शिव स्वर्णमाला स्तुति ‘ईशगिरीश नरेश’ के संपूर्ण बोल, प्रत्येक श्लोक का सरल हिन्दी अर्थ तथा इस स्तुति …

Continue reading…

निराकार का ध्यान क्या है और कैसे करें?

by Shri Nikhil

निराकार का ध्यान कैसे करें? निराकार पर ध्यान देने का अर्थ बस इतना है कि आप आकार पर ध्यान नहीं दे …

Continue reading…

माया कैसे बनती है? क्या माया आपही से उत्पन्न होती है?

by Shri Nikhil

माया कैसे बनती है? क्या माया आपसे ही उत्पन्न होती है? माया का कोई स्वतंत्र अस्तित्व नहीं होता। उसका अपना कोई …

Continue reading…

हमारा मन विचलित क्यों होता है?

by Shri Nikhil

मन विचलित हो जाता है जब हम कोई कार्य हाथ में लेते हैं, पर उस पर एकाग्र होकर काम नहीं कर …

Continue reading…

मेरा मन व्याकुल क्यों होता है?

by Shri Nikhil

मेरा मन व्याकुल क्यों होता है? देखिए, मन केवल आपका ही नहीं, अधिकांश लोगों का व्याकुल होता है। मन स्वयं को …

Continue reading…

माया-जगत की पीड़ा से कैसे बचें और पूर्ण मुक्ति कैसे पाएं?

by Shri Nikhil

जहाँ मन टिक जाता है, वह माया है; जिसका दूर जाना ही दुख और भय है, वह माया है। माया के …

Continue reading…

योग में ‘समाधि’ और ‘समाधिस्थ’ किसे कहते हैं?

by Shri Nikhil

योग में  ‘समाधि’ किस अवस्था को कहते हैं? बुद्धि के सम हो जाने को समाधि कहते हैं, ‘सम’ कर ‘बुद्धि’ । …

Continue reading…

‘नमामि शमीशान’ स्तुति का अर्थ और तात्पर्य

by Shri Nikhil

इस लेख में मैंने भगवान शिव की प्रसिद्ध ‘नमामि शमीशान’ स्तुति – रुद्राष्टकम् के संपूर्ण बोल, सरल हिन्दी अर्थ तथा उसके …

Continue reading…

ध्यान क्यों आवश्यक है जीवन जीने के लिए?

by Shri Nikhil

अगर आप जीना चाहते हैं, जीवन मात्र के अतुलनीय परम आनंद को उपलब्ध होना चाहते हैं, तो आपके जीवन में ध्यान …

Continue reading…

क्या ध्यान कर्म है और ध्यानस्थ कैसा होता हैं?

by Shri Nikhil

क्या ध्यान कोई शरीर से किया जाने वाला कर्म होता है? आपने ज्यादातर लोगों को अक्सर ऐसे कहते सुना होगा कि …

Continue reading…

Donate
UPI QR Code