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श्रीमद् भगवत गीता के आध्यात्मिक अनमोल वचन

by BodhaVriksha

“श्रीमद् भगवद् गीता के आध्यात्मिक ज्ञान मानव जीवन के लिए अमूल्य धरोहर हैं। यहाँ मैंने श्रीमद् भगवद् गीता के उन अनमोल वचनों को साझा किया है जो मनुष्य को आध्यात्मिक ज्ञान, आत्मबोध और जीवन के सत्य मार्ग का उपदेश देते …

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‘प्रज्ञानं ब्रह्म’ महावाक्य आपको क्या संदेश देता हैं?

by BodhaVriksha

प्रज्ञानं ब्रह्म भी अद्वैत परम्परा के चार महावाक्योंमें से एक अत्यंत महत्वपूर्ण महावाक्य है, जिसके प्रचार और व्यवस्थित दार्शनिक प्रतिपादन का श्रेय आदि शंकराचार्य को जाता है। यह महावाक्य मूल रूप से ऋग्वेद के ऐतरेय उपनिषद में प्राप्त होता है, …

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‘अहम ब्रह्मास्मि’ महावाक्य हमें क्या सिखाता है?

by BodhaVriksha

“अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य क्या हैं? हम यहाँ “अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य के उपदेश को विस्तार से स्पष्ट कर रहे हैं, ताकि आप इसे केवल बौद्धिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि हृदय और प्रत्यक्ष अनुभव के स्तर पर भी समझ सकें। यह …

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‘योगः चित्त वृत्ति निरोधः’ से महर्षि पतंजलि क्या सिखा रहे हैं?

by BodhaVriksha

“योग चित्त वृत्ति निरोध का अर्थ है मन की चंचल और परिवर्तनशील वृत्तियों का शांत हो जाना। जब साधक विचारों से तादात्म्य छोड़कर साक्षी भाव में स्थित होता है, तब वह अपने वास्तविक स्वरूप का अनुभव करता है।” योग चित्त …

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‘ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने’ मंत्र सिद्ध कैसे होंगा?

by BodhaVriksha
krishnaya vasudevay harye parmatmane Mantra

मैं एक कृष्ण भक्त अनुभव करता हूँ कि ‘कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने’ मंत्र का जाप मेरे में भीतर की शांति, आत्मा से प्रेम, आनंद और मानसिक स्पष्टता लाता है। यह मंत्र मुझे संसार की व्यर्थ आसक्तियों से दूर कर, भगवान …

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माया संसार के रूप में हमें कैसे भासती है?

by BodhaVriksha
Maya upnishad

माया को केवल जान लेना ही माया से पार पाना, माया वास्तव में कहीं बाहर मौजूद कोई ठोस वस्तु नहीं है, फिर भी यह सम्पूर्ण संसार की अनुभूति के रूप में प्रकट होती है। इसलिए यदि कोई यह कह दे …

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उपनिषद् का “तत् त्वम् असि” क्या संकेत देता हैं?

by BodhaVriksha
Tat tvam asi mantra

उपनिषदों की गहन ज्ञान की खोज करें महावाक्य “तत् त्वम् असि” – “तू वही है” के माध्यम से। यह प्राचीन शिक्षा बताती है कि परम सत्य बाहरी दुनिया में नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर है। जानें कि आत्म-साक्षात्कार, आंतरिक …

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भगवान का भजन हम क्यों करते है?

by BodhaVriksha
Why should we do bhajan (devotional worship) of the Lord, and how to do it?

भजन क्यों करें? अगर हमें अभी इसी पल सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण अगर कुछ है, तो वह केवल आत्मिक शांति है। यह शांति न भविष्य की कोई वस्तु है, न किसी उपलब्धि की प्रतीक्षा करती है। आप यह सोच भी कैसे …

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आत्मन वास्तव में क्या हैं?

by BodhaVriksha
What is Atman

क्या आप भी आत्मा को भूत या चुड़ैल मानते हैं? वेदों के सबसे बड़े सत्य के साथ हम क्या कर रहे हैं? आपके अस्तित्व का सबसे बड़ा सत्य और सत्य से संबंधित अंधविश्वास साधकों, आप शायद जानते होंगे कि आपका …

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पूर्ण समर्पण के लिए क्या तुम तैयार हों?

by BodhaVriksha
Purna Samarpana (Complete Surrender)

पूर्ण समर्पण क्या है? पूर्ण समर्पण का अर्थ केवल बाहरी क्रिया नहीं है। यह केवल कुछ छोड़ देने या किसी के प्रति भक्ति दिखाने का नाम नहीं है। पूर्ण समर्पण का अर्थ है – अपने अहंकार, अपने स्वयं के स्वार्थ …

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