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Aham Brahmasmi Mahavakya

‘अहम ब्रह्मास्मि’ महावाक्य हमें क्या सिखाता है?

by Shri Nikhil

“अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य क्या हैं? हम यहाँ “अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य के उपदेश को विस्तार से स्पष्ट कर रहे हैं, ताकि आप …

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Shree Krishna govind hare murari Mantra

‘श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी’ मंत्र का अर्थ और लाभ

by Shri Nikhil

यह मंत्र केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह कृष्ण भक्तों के हृदय की पुकार है, उनकी शरणागति है और …

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Yoga Chitta Vritti Nirodha

‘योग चित्त वृत्ति निरोध’ से महर्षि पतंजलि क्या सिखा रहे हैं?

by Shri Nikhil

“योग चित्त वृत्ति निरोध का अर्थ है मन की चंचल और परिवर्तनशील वृत्तियों का शांत हो जाना। जब साधक विचारों से …

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simple-krishna-bhajan-lyrics-in-hindi

पांच अत्यंत सरल कृष्ण-भजनों के बोल प्रभु का स्मरण करने

by Shri Nikhil

यह लेख भगवान श्रीकृष्ण के सरल और मधुर भजनों के माध्यम से भक्ति, वैराग्य और आत्मसमर्पण का संदेश देता है। ये …

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krishnaya vasudevay harye parmatmane Mantra

‘ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने’ मंत्र का अर्थ और लाभ

by Shri Nikhil

मैं एक कृष्ण भक्त अनुभव करता हूँ कि ‘कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने’ मंत्र का जाप मेरे में भीतर की शांति, आत्मा …

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How do the Four Mahavakyas open the path to self-realization?

चार-महावाक्यों से स्वयं को पाने की यात्रा कैसे शुरू होती है?

by Shri Nikhil

“यह लेख अद्वैत वेदांत के चार महावाक्यों के माध्यम से आत्म-साक्षात्कार की उस भीतरी यात्रा को स्पर्श करता है, जहाँ साधक …

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Radhe Krishna mantra

कृष्ण के भक्त “राधे राधे” मंत्र का जप क्यों करते हैं?

by Shri Nikhil

“राधे राधे” कृष्ण मंत्र श्री राधा के नाम की महिमा और राधे–राधे जप के लाभ। देवी राधा राजा वृषभानु और रानी …

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Maya upnishad

माया संसार के रूप में हमें कैसे भासती है?

by Shri Nikhil

माया को केवल जान लेना ही माया से पार पाना, माया वास्तव में कहीं बाहर मौजूद कोई ठोस वस्तु नहीं है, …

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Tat tvam asi mantra

उपनिषद् का “तत् त्वम् असि” क्या संकेत देता हैं?

by Shri Nikhil

उपनिषदों की गहन ज्ञान की खोज करें महावाक्य “तत् त्वम् असि” – “तू वही है” के माध्यम से। यह प्राचीन शिक्षा …

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