जीवन में इतना दुख क्यों हैं?
इस संसार में निवास करने वाले सभी जीव सदा अपने सुख की ही कामना करते हैं। हर कोई चाहता है कि उसका जीवन आनंदमय और शांतिपूर्ण हो। लेकिन हमारी अज्ञानता के कारण हम यह नहीं जान पाते कि वास्तविक सुख …
इस संसार में निवास करने वाले सभी जीव सदा अपने सुख की ही कामना करते हैं। हर कोई चाहता है कि उसका जीवन आनंदमय और शांतिपूर्ण हो। लेकिन हमारी अज्ञानता के कारण हम यह नहीं जान पाते कि वास्तविक सुख …
पूर्ण समर्पण क्या है? पूर्ण समर्पण का अर्थ केवल बाहरी क्रिया नहीं है। यह केवल कुछ छोड़ देने या किसी के प्रति भक्ति दिखाने का नाम नहीं है। पूर्ण समर्पण का अर्थ है – अपने अहंकार, अपने स्वयं के स्वार्थ …
“नेति नेति” साधना की गहन प्रक्रिया की खोज करें, जो साधकों को उनके सच्चे स्वरूप को पहचानने की ओर मार्गदर्शन करती है। सभी अस्थायी, बदलते अनुभवों, विचारों और आसक्तियों को पहचानकर और त्यागकर, व्यक्ति धीरे-धीरे अपने भीतर स्थित अनंत साक्षी …
आध्यात्मिक परमानंद यह एक ऐसी आध्यात्मिक अवस्था है जिसमें आपको बिना किसी सांसारिक कारण के ही आनंद प्राप्त होता हैं। इसे पाना इसे समझाना हमारे बस की बात नहीं। मै ऐसा इस लिए कह रहा हु क्योंकि ये मन, बुद्धि …
आत्मज्ञान जिसे स्वयं का ज्ञान, साक्षित्व और विशुद्ध चेतना का दर्शन भी कहा जाता हैं। यह आपको भीतर से मिलने वाली शांति हैं। जब आपको स्वयं का बोध नहीं होता तो आप जो आप नहीं है उसे अपना स्वरूप मान …
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