Read this Blog in:

आत्म बोध उद्धरण दर्शन धर्मग्रंथ ध्यान भक्ति मंत्र विज्ञान

‘प्रज्ञानं ब्रह्म’ महावाक्य आपको क्या संदेश देता हैं?

by BodhaVriksha

प्रज्ञानं ब्रह्म भी अद्वैत परम्परा के चार महावाक्योंमें से एक अत्यंत महत्वपूर्ण महावाक्य है, जिसके प्रचार और व्यवस्थित दार्शनिक प्रतिपादन का श्रेय आदि शंकराचार्य को जाता है। यह महावाक्य मूल रूप से ऋग्वेद के ऐतरेय उपनिषद में प्राप्त होता है, …

CONTINUE READING

‘अहम ब्रह्मास्मि’ महावाक्य हमें क्या सिखाता है?

by BodhaVriksha

“अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य क्या हैं? हम यहाँ “अहम ब्रह्मास्मि” महावाक्य के उपदेश को विस्तार से स्पष्ट कर रहे हैं, ताकि आप इसे केवल बौद्धिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि हृदय और प्रत्यक्ष अनुभव के स्तर पर भी समझ सकें। यह …

CONTINUE READING

‘श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी’ मंत्र श्रीभगवान के समीप पहुंचने

by BodhaVriksha
Shree Krishna govind hare murari Mantra

यह मंत्र केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह कृष्ण भक्तों के हृदय की पुकार है, उनकी शरणागति है और उनकी अंतिम साधना है। इसी कारण कृष्ण भक्त इस मंत्र का जाप करते हैं, क्योंकि यह मंत्र उन्हें संसार …

CONTINUE READING

पांच अत्यंत सरल कृष्ण-भजनों के बोल प्रभु का स्मरण करने

by BodhaVriksha
simple-krishna-bhajan-lyrics-in-hindi

यह लेख भगवान श्रीकृष्ण के सरल और मधुर भजनों के माध्यम से भक्ति, वैराग्य और आत्मसमर्पण का संदेश देता है। ये भजन मन को संसार की माया से हटाकर शांति, आनंद और आत्मबोध की ओर ले जाते हैं। ये भजन …

CONTINUE READING

‘ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने’ मंत्र सिद्ध कैसे होंगा?

by BodhaVriksha
krishnaya vasudevay harye parmatmane Mantra

मैं एक कृष्ण भक्त अनुभव करता हूँ कि ‘कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने’ मंत्र का जाप मेरे में भीतर की शांति, आत्मा से प्रेम, आनंद और मानसिक स्पष्टता लाता है। यह मंत्र मुझे संसार की व्यर्थ आसक्तियों से दूर कर, भगवान …

CONTINUE READING

चार-महावाक्यों से स्वयं को पाने की यात्रा कैसे शुरू होती है?

by BodhaVriksha
How do the Four Mahavakyas open the path to self-realization?

“यह लेख अद्वैत वेदांत के चार महावाक्यों के माध्यम से आत्म-साक्षात्कार की उस भीतरी यात्रा को स्पर्श करता है, जहाँ साधक देह और अहंकार की सीमाओं से परे जाकर शुद्ध चेतना को पहचानता है। यह आत्मा और ब्रह्म की एकता …

CONTINUE READING

कृष्ण के भक्त “राधे राधे” मंत्र का जप क्यों करते हैं?

by BodhaVriksha

“राधे राधे” कृष्ण मंत्र श्री राधा के नाम की महिमा और राधे–राधे जप के लाभ। देवी राधा राजा वृषभानु और रानी कलावती की पुत्री हैं। उनका प्राकट्य पवित्र भूमि बरसाना में हुआ, जो सदा से दिव्य प्रेम से जुड़ा हुआ …

CONTINUE READING

“हरे कृष्ण हरे राम” मंत्र जाप और कीर्तन से संबंधित

by BodhaVriksha
Hare Krishna hare Rama Mantra

हरे कृष्ण! भगवान के पवित्र नाम के कीर्तन में परम दुर्लभ आनंद है। जिसने भगवान के नाम की शक्ति को समझ लिया या प्रत्यक्ष अनुभव कर लिया, उसने सब कुछ प्राप्त कर लिया उसे और कुछ भी नहीं चाहिए। इस …

CONTINUE READING

Donate
UPI QR Code